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मंगलमप्लस मेडिसिटी में एंजियोप्लास्टी हेतु लगी राजस्थान की पहली लेजर मशीन

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आशा पटेल जयपुर/ जयपुर को मेडिकल सुविधाओं में नया आयाम दिलाने में मंगलमप्लस मेडिसिटी हॉस्पिटल निश्चित ही  अग्रणीय बन चूका  है। मंगलमप्लस मेडिसिटी ने राज्य में पहली बार इक्सीमर लेजर  के द्वारा मरीज का इलाज सफलता पूर्वक किया। कॉर्डियक विभाग के चैयरमेन डॉ सजीब रॉय ने  प्रेस वार्ता में बताया कि इस तरीके की  मशीन देश में केवल तीन ही अस्पताल में उपलब्ध  है। इस मशीन से  कोरोनरी आरट्री में हार्ड ब्लॉक, रिडु केसेज, ब्लॉक्ड स्टेंटस, बाईपास के बाद बंद ग्राफ्ट का इलाज काफी आसानी से किया जा सकता हैं। इस  मशीन से पेसमेकर लीड भी निकाली जा सकती है। यह  तकनीक  ना केवल हार्ट अपितु पाँवों की एंजियोप्लास्टी, टोटल ब्लॉकेज में भी कारगर है। होस्पिटल के  एक्सिक्युटीव  डायरेक्टर राज आहुजा ने बताया कि इस  तकनीक से राजस्थान के मरीजों को काफी लाभ होने वाला है एवं मंगलम मेडिसिटी इस तरह की नवीनतम तकनीकों को राजस्थान में लाता रहेगा और यहां पर  पिडरियाटिक, जनरल सर्जरी , लेप्रोस्कोपिक सर्जरी , यूरो गानोकोलोजी , ओर्थोस्कोपी, कार्डिक  केयर यूनिट , फिजियोथेरपी , गेस्त्रोएन्त्रोलोजी,नेफ्रोलोजी और डाइलेसिस  इत्यादि सुविधाएं

मंगलम प्लस मेडिसिटी हॉस्पिटल शिप्रा पथ मानसरोवर में महिला विकास मंत्री ममता भूपेश ने किया माड्युलर ऑपरेशन थियेटर का उद्घाटन

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आशा पटेल  जयपुर। मंगलम ग्रुप ने अब  हेल्थकेयर  सेक्टर में अपना कदम रखते हुए एक और कीर्तिमान स्थापित किया  है  जिसमें 330 बैड के  अस्पताल में माड्युलर  ऑपरेशन थियेटर  का उद्घाटन गुरूवार 02 दिसम्बर को मुख्य अतिथि श्रीमती ममता भूपेश केबिनेट मंत्री (महिला एवं बाल कल्याण विभाग, राजस्थान सरकार) ने  किया। उन्होंने मंगलम प्लस मेडिसिटी हॉस्पिटल की सुविधाओं का जायजा लिया और हॉस्पिटल की सुविधाओं को सराहा, साथ ही शुभकामनाएं दी कि भविष्य में ना केवल जयपुर में बल्कि विश्वस्तर पर भी हॉस्पिटल की पहचान बने एवं उचित दरों पर बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाये। सम्पूर्ण अनुभवी डॉक्टर्स की टीम जो इस हॉस्पिटल में कार्यरत है वो अपने बेहतर अनुभव के बदौलत इस हॉस्पिटल को बुलन्दियों पर पहुंचाये।   इस अवसर पर मंगलम ग्रुप के चेयरमैन एन. के. गुप्ता ने बताया है कि मंगलम प्लस मेडिसिटी हॉस्पिटल शिप्रा पथ, मानसरोवर में ऑपरेशन थियेटर के साथ केथ लैब ओर्थपीडिक, क्रिटीकल केयर एवं अन्य सुपर स्पेश्यीलिटी सेवाएं भी प्रदान करायी जा रही है। भविष्य में निस्वार्थ भावना से हॉस्पिटल द्वारा उचित दरों पर सम्पूर्ण सुविधाएं उपलब्ध करायी जाय

स्ट्रोक के लगभग 70 फीसदी मामलों का या तो इलाज हो सकता है या इन्हें रोका जा सकता है : डॉ. विपुल गुप्ता

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गुरुग्राम: एक आकलन है कि दुनिया में स्ट्रोक से हर 40 मिनट पर एक व्यक्ति पीडि़त होता है और हर चार मिनट पर एक व्यक्ति की स्ट्रोक से मौत हो जाती है। 25 फीसदी आबादी जीवन के किसी न किसी मोड़ पर स्ट्रोक अटैक से पीडि़त होती है जबकि स्ट्रोक के 7080 फीसदी मामले हाइपरटेंशन, डायबिटीज, कोलेस्ट्रोल लेवल का ख्याल रखने से रोके जा सकते हैं। इसके अलावा जीवनशैली में बदलाव, उचित खानपान, पर्याप्त व्यायाम, वजन पर नियंत्रण रखने तथा धूम्रपान त्यागने से स्ट्रोक को रोका जा सकता है। स्ट्रोक रोकने का एक सबसे अच्छा तरीका शारीरिक श्रम करते रहना भी है। ब्रेन स्ट्रोक मृत्यु का दूसरा बड़ा और दीर्घकालीन अपंगता का प्रमुख कारण माना जाता है। सही समय पर इलाज करने से नुकसान को कम किया जा सकता है, वहीं लोगों के लिए यह जानना भी जरूरी है कि मरीज के शुरुआती लक्षणों की पहचान कर तत्काल उसे अस्पताल ले जाया जाए। जागरूकता सत्र का आयोजन आर्टेमिस एग्रिम इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज में न्यूरोइंटरवेंशन के प्रमुख और स्ट्रोक यूनिट के सह निदेशक डॉ.विपुल गुप्ता तथा स्ट्रोक न्यूरोलॉजी एंड न्यूरोइंटरवेंशनल सर्जरी के डॉ.राजश्रीनिवास पार्थसार

गहलोत बोले बीएमसीएचआरसी के सहयोग हेतु सरकार सदा तैयार

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जयपुर।  भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर और कैंसर केयर महिला प्रकोष्ठ के 25वें स्थापना दिवस के मौके पर कैंसर केयर भवन का शिलान्यास  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किया। समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, विशिष्ठ अतिथि नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री शांति धारीवाल के साथ समारोह में शामिल हुए। इस मौके पर अशोक गहलोत ने कहा कि बीएमसीएचआरसी मानव सेवा के लिए निरंतर कार्य कर रहा है और बगैर कोई लाभ कमाएं कैंसर रोगियों को विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध करा रहा है। इसलिए सरकार इस चिकित्सालय को पूर्ण रूप से सहयोग देने के लिए हर समय तैयार है।  इस मौके पर नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि चिकित्सालय और कैंसर केयर जो कल्याणकारी योजनाएं बना रहे हैं, उसके लिए उन्हें निष्चित रूप से जमीन दी जाएगी। उन्होंने कहा कि चिकित्सालय में गरीब को निशुल्क उपचार और रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराने से हमें गर्व होता है कि हमारे प्रदेश में ऐसा चिकित्सालय है। समारोह में एसएमएस प्रिंसिपल डॉ सुधीर भंडारी ने चिकित्सालय की ओर से किए जा रहे सेवा कार्यों की प्रशंसा की।  500 होगी बैड क्षमता, बढेगी सुव

रूकमणी बिरला हॉस्पिटल, जयपुर ने पांचवी वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर कोविड योद्धाओं का किया सम्मान और साथ ही नई टेक्नोलॉजी को बढ़ाया

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  जयपुर। रूकमणी बिरला हॉस्पिटल , जयपुर ने अपनी 5वी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में पूर्व संध्या पर कोरोना महामारी की दूसरी लहर में वायरस से लडनें वाले कोविड योद्धाओं के सम्मान हेतु कार्यक्रम आयोजित किया। हॉस्पिटल ने कोरोना से लडाई लड कर नया जीवन प्राप्त करने वाले युवाओं के लिए अपने अनुभव को साझा करने के लिए एक मंच दिया जिसमें महामारी के दौरान मरीजों का इलाज करने वाले चिकित्सक एवं सी के बिरला हॉस्पिटल्स के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर डॉ.सिमरदीप सिंह गिल मौजूद रहें। डॉक्टर्स एवं मरीजों के बीच विश्वास जाहिर तौर पर व्यक्त किया गया जिसने उन्हें इस कठिन समय में आगे बढते रहने के लिए प्रेरित किया। रूकमणी बिरला हॉस्पिटल , जयपुर पिछले साल से कोविड देखभाल के लिए समर्पित अस्पताल रहा है जिसमें इन्टरनल मेडिसिन एवं पल्मोनो लॉ जी विशेषज्ञ शामिल थे। डॉ.सुशील कालरा, निदेशक-इन्टरनल मेडिसिन जो कि 60 वर्ष से अधिक उम्र होने के बावजूद अपने जीवन को जोखिम में डाल कर मरीजों की सेवा कर रहें है। वहीं युवा चिकित्सको की टीम जिसमें डॉ.पुनीत गुप्ता, वरिष्ठ सामान्य रोग विशेषज्ञ, डॉ.राकेश गोदारा, वरिष्ठ पल्मोनोलॉजी एवं क्रिटीकल

पिताजी के लिए एक आजीवन उपहार

नेशनल , 21 जून , 2021 : हमारे देश में ज़्यादातर अभिभावक , खासतौर पर बुजु़र्ग लोग उपयुक्त हेल्थ इंश्योरेन्स प्लान के तहत कवर्ड नहीं हैं। एक परिवार में पिता अपने पूरे परिवार , विशेष रूप से अपने बच्चों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी संभालते हैं , उनके लिए सही हेल्थ कवरेज चुनते हैं। लेकिन अक्सर वे अपने आप पर ध्यान नहीं देते और अपने लिए समय रहते हेल्थ इंश्योरेन्स ( स्वास्थ्य बीमा ) नहीं करवाते। कोविड -19 महामारी के चलते हेल्थ इंश्योरेन्स यानि स्वास्थ्य बीमा के बारे में जागरुकता बहुत अधिक बढ़ गई है। जनरल इंश्योरेन्स काउन्सिल द्वारा जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल मार्च तक स्वास्थ्य बीमा के क्षेत्र में 13.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि हममें से बहुत से लोग समय पर स्वास्थ्य बीमा करवाने का महत्व नहीं समझते हैं। उम्र बढ़ने के साथ , जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों एवं अन्य क्रिटिकल रोगों की संभावना बढ़ती चली जाती है ; ऐसे में स्वास्थ्य बीमा करवाना बहुत ज़रूरी