होण्डा मोटरसाइकल एण्ड स्कूटर इंडिया ने राजस्थान में आयोजित किया राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा जागरुकता अभियान जयपुर के लगभग 1200 स्कूली छात्रों एवं स्टाफ को सड़क सुरक्षा के गुर सीखने का मौका मिला

जयपुर, 04 जुलाई, 2022ः कोविड के बाद के दौर में भारत को दुर्घटना मुक्त बनाने के लिए लोगों को सड़क सुरक्षा के बारे में जागरुक बनाने की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए होण्डा मोटरसाइकल एण्ड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) का राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा जागरुकता अभियान राजस्थान के जयपुर पहुंचा।

राजस्थान के जयपुर स्थित SBIOA पब्लिक स्कूल में आयोजित इस तीन दिवसीय कैम्प (28-30 जून 2022) में लगभग 1200 स्कूली छात्रों एवं स्टाफ के सदस्यों ने हिस्सा लिया और सुरक्षित राइडिंग के गुर सीखे। एचएमएसआई के रोड सेफ्टी इंस्ट्रक्टर्स ने प्रतिभागियों की उम्र को ध्यान में रखते हुए उचित सड़क सुरक्षा लर्निंग प्रोग्राम के माध्यम से सभी को सड़क सुरक्षा के बारे में जागरुक बनाया।
भारत को सड़क सुरक्षा पर जागरुक बनाने की एचएमएसआई की प्रतिबद्धता के बारे में बात करते हुए श्री प्रभु नागराज, ऑपरेटिंग ऑफिसर- ब्राण्ड एण्ड कम्युनिकेशन, होण्डा मोटरसाइकल एण्ड स्कूटर इंडिया ने कहा, ‘‘सड़क सुरक्षा शिक्षा, सड़क सुरक्षा की मानसिकता विकसित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारतीयों को सड़कों पर सुरक्षित बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत बनाते हुए हमने अपने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा जागरुकता अभियान के तहत ऑन-ग्राउण्ड सड़क सुरक्षा टेªनिंग फिर से शुरू कर दी है। इस अभियान के माध्यम से हमारा लक्ष्य बच्चों को शिक्षित कर आने वाले कल के सुरक्षा दूत बनाना है, साथ ही हम व्यस्कों को भी सड़क सुरक्षा का महत्व समझाना चाहते हैं।’’
एचएमएसआई के राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा जागरुकता कार्यक्रम ने निम्नलिखित गतिविधियों के माध्यम लर्निंग को रोचक बना दियाः
1. इंटरैक्टिव सेशनः एचएमएसआई के विशेष रूप से प्रशिक्षित सड़क सुरक्षा इंस्ट्रक्टर्स ने 5 से 10 साल के छात्रों को बताया कि उन्हें स्कूल बस में और साइकल चलाते समय क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
2. प्रैक्टिकल लर्निंगः 11-12 साल के बच्चों को सिखाया गया कि साइकल चलाते समय कैसे सुरक्षा का ध्यान रखें, दोपहिया वाहन के पीछे बैठकर सवारी करते समय किस तरह सुरक्षा बरतें, साथ ही उन्हें सड़क पर सुरक्षा गियर का महत्व भी बताया गया। इस लर्निंग को अधिक रोचक और व्यवहारिक बनाने के लिए छात्रों को विशेष रूप से आयात की गई सीआरएफ 50 मोटरसाइकलों पर व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
3. साइन्टिफिक थ्योरी लर्निंग मॉड्यूलः 13-17 साल के बच्चों एवं स्टाफ के लिए सेफ्टी राइडिंग थ्योरी सत्र आयोजित किए गए, जिसमें उन्हें सड़क सुरक्षा के नियमों एवं विनियमों, सड़क संकेतों एवं चिन्हों, सड़क पर ड्राइवर के कर्तव्य, राइडिंग गियर एवं पोस्चर तथा सुरक्षित राइडिंग के लिए सड़क पर शिष्टाचार की जानकारी दी गई।
4. मौजूदा ड्राइवरों के राइडिंग कौशल में सुधारः स्कूल स्टाफ के सदस्य जो पहले से वाहन चलाते हैं, दोपहिया वाहन पर व्यवहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से उनके राइडिंग कौशल में सुधार लाया गया।
5. लर्निंग बनी रोचकः छात्र सड़क सुरक्षा के बारे में ज़्यादा से ज़्यादा सीख सकें, यह सुनिश्चित करने के लिए एचएमएसआई ने रोज़ाना कई रोचक शैक्षणिक गतिविधियों जैसे सुरक्षा क्विज़ और गेम्स आदि का आयोजन किया

सड़क सुरक्षा के लिए होण्डा मोटरसाइकल एण्ड स्कूटर इंडिया की सीएसआर प्रतिबद्धता

होण्डा के लिए दुनिया भर में सड़क सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है। अप्रैल 2021 में की गई घोषणा के मुताबिक ‘‘होण्डा 2050 तक दुनिया भर में होण्डा की मोटरसाइकलों एवं ऑटोमोबाइल्स की जानलेवा दुर्घटनाओं को शून्य तक लाने के लिए प्रयास करेगी।’’ अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व को पूरा करते हुए एचएमएसआई 2001 में भारतमें अपनी शुरूआत से ही सड़क सुरक्षा को बढ़ावा दे रही है। होण्डा के विश्वसतरीय सुरक्षा दृष्टिकोण के साकार रूप देते हुए, आज एचएमएसआई का सड़क सुरक्षा जागरुकता अभियान 45 लाख से अधिक भारतीयों तक पहुंच चुका है। इसके कुशल सेफ्टी इंस्ट्रक्टर्स की टीम देश भर में अपने 10 अडॉप्टेड टैªफिक टेªनिंग पार्कों और 7 सेफ्टी ड्राइविंग एजुकेशन सेंटरों में रोज़ाना प्रोग्रामों का संचालन करती है।

इतना ही नहीं, देश भर में एचएमएसआई की 1000 से अधिक डीलरशिप्स भी सड़क सुरक्षा जागरुकता का प्रसार कर रही हैं। एचएमएसआई का प्रॉपराइटरी वर्चुअल राइडिंग सिमुलेटर, राइडर को जोखिम का पूर्वानुमान लगाने में मदद करता है; वहीं भारत के हर डीलरशिप में नए उपभोक्ताओं को डिलीवरी देने से पहले सड़क सुरक्षा की सलाह (पीडीएसए) दी जाती है।

इसके अलावा, न्यू नॉर्मल के इस दौर में भी लर्निंग रूकनी नहीं चाहिए, इसके लिए होण्डा ने डिजिटल सड़क सुरक्षा शिक्षा अभियान- ‘होण्डा रोड सेफ्टी ई-गुरूकुल’ की शुरूआत की। मई 2020 में अपनी शुरूआत के बाद से यह अभियान 7 लाख से अधिक लोगों को सड़क के ज़िम्मेदाराना इस्तेमाल के बारे में जागरुक बना चुका है।

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