2023 तक डिजिटल वॉलेट के नकदी को पार करने की उम्मीद, बनेगा देश का अग्रणी भुगतान का तरीका

दुनिया भर के ग्राहकों के लिए ई-कॉमर्स से संबंधित भुगतान संबंधी प्राथमिकताएं नकद और क्रेडिट कार्ड से डिजिटल वॉलेट और ‘अभी खरीदें, बाद में भुगतान करें’ (बीएनपीएल) की ओर शिफ्ट हो रही हैं। एफआईएस के वर्ल्डपे की ‘2022 ग्लोबल पेमेंट्स रिपोर्ट’ (जीपीआर) के अनुसार, भारत का ई-कॉमर्स बाजार 2021 और 2015 के बीच 96 प्रतिशत बढ़कर 120 बिलियन अमरीकी डालर होने की उम्मीद है। जीपीआर के तहत बाजार के आकार और भविष्य के अनुमानों के साथ-साथ वर्तमान और भविष्य के भुगतान संबंधी रुझानों की जांच की जाती है।  

भारत में हाल के दौर में टैक्नोलॉजी डिजिटलाइजेशन के विस्तार के साथ, कैशलेस भुगतान को अपनाने में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार प्रीपेड कार्ड, बैंक ट्रांसफर और कैश ऑन डिलीवरी जैसे तरीकों का मार्केट शेयर कम होता जा रहा है और 2025 तक सामूहिक रूप से ई-कॉमर्स के लेनदेन मूल्य में इनका शेयर केवल 8.8 प्रतिशत होने का अनुमान है। 2021 में ई-कॉमर्स के जरिये खरीद के दौरान भुगतान के तरीकों में डिजिटल वॉलेट (45.4 प्रतिशत) के बाद डेबिट कार्ड (14.6 प्रतिशत) और क्रेडिट/चार्ज कार्ड (13.3 प्रतिशत) का नंबर रहा। उनके बेहतर चेकआउट समाधान, अंतर्निहित भुगतान विधियों में लचीलापन, ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस इकोसिस्टम में एंकर रोल के साथ और स्थानीय वॉलेट के क्षेत्रीय और वैश्विक सुपर ऐप में शामिल होने के बाद डिजिटल वॉलेट वैश्विक स्तर पर बढ़ने की उम्मीद है। भारत में, उन्हें 2025 तक अन्य ई-कॉमर्स भुगतान विधियों पर अपनी बढ़त का विस्तार करने का अनुमान है, जब उनका लेनदेन मूल्य का 52.9 प्रतिशत होने का अनुमान लगाया गया है।

भारत का पॉइंट-ऑफ-सेल (पीओएस) बाजार 2021 और 2025 के बीच 28.8 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है, जब यह 1.08 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर को पार कर जाएगा। स्टोर्स में भुगतान विधि की बात करें, तो 2021 में 37.1 प्रतिशत लेनदेन मूल्य के साथ कैश अग्रणी तरीका रहा, इसके बाद डिजिटल वॉलेट (24.8 प्रतिशत), और क्रेडिट/चार्ज कार्ड (18.1 प्रतिशत) का नंबर आता है। हालाँकि 2023 तक स्टोर भुगतान पद्धति के रूप में सबसे लोकप्रिय नकदी की तुलना में डिजिटल वॉलेट के आगे निकलने का अनुमान है। संभावना है कि तब पीओएस लेनदेन मूल्य का 30.8 प्रतिशत हिस्सा डिजिटल वॉलेट के जरिये आएगा।

इसके अतिरिक्त, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बीएनपीएल भारत का सबसे तेजी से बढ़ता ऑनलाइन भुगतान का तरीका है। या तो एकमुश्त चालान या किश्तों के एक सीमित सेट के माध्यम से बीएनपीएल सेवाएं, जो उपभोक्ताओं को वस्तुओं और सेवाओं के लिए भुगतान करने की अनुमति देती हैं, उनके 2025 तक ई-कॉमर्स बाजार मूल्य के 8.6 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है, जबकि 2021 में यह हिस्सेदारी सिर्फ 3 प्रतिशत थी।

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